जीवन बीमा (life insurance) क्या है?

life insurance भविष्य में होने वाली किसी भी दुर्घटना या किसी प्रकार के नुकसान की आशंका से निपटने का एक बहुत बड़ा हथियार होता है आज के समय में कोई भी व्यक्ति नहीं जानता कि कल क्या होगा इसीलिए सभी लोग बीमा पॉलिसी के जरिए अपना फ्यूचर सिक्योर करते हैं ।

life insurance

क्योंकि ऐसे हो रहे नुकसान या दुर्घटना के उसके घर पर कर सके इंश्योरेंस का मतलब जोखिम से हो रही सुरक्षा होता है अगर कोई व्यक्ति किसी बीमा कंपनी के द्वारा बीमा करवाता है तो उस व्यक्ति को होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई की कीमत बीमा कंपनी के द्वारा ही दी जाती है आज के समय में बीमा कंपनी के द्वारा कार,घर, फोन सभी चीजों का बीमा करवाया जाता है।

इन सभी में टूटने फूटने खोलने या किसी भी तरह का नुकसान होने पर बीमा कंपनी के द्वारा उसके मालिक को कंपनी के अनुसार तय की गई शर्त के अनुसार मुआवजा भरना पड़ता है। अगर आप लाइफ इंश्योरेंस के बारे में किसी प्रकार की जानकारी को प्राप्त करना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को ध्यान से पढ़िये। आज इस आर्टिकल के द्वारा आप सभी के लिए व्हाट इज लाइफ इंश्योरेंस के बारे में जानकारी देंगे इसके अलावा इंश्योरेंस कितने प्रकार का होता है इंश्योरेंस की क्या विशेषता है इसके फायदे नुकसान इन सभी के बारे में विस्तार से बताएंगे..

Life insurance ( जीवन बीमा )

 Life insurance ( जीवन बीमा ) बीमा करवाने वाले व्यक्ति पॉलिसी धारक और इंश्योरेंस प्रोवाइडर के बीच में होने वाला है कांटेक्ट होता है इसको लाइफ इंश्योरेंस कहते हैं इसके अंतर्गत अगर बीमा कराने वाले व्यक्ति के साथ में भविष्य में किसी प्रकार की कोई दुर्घटना हो जाती है या फिर उसकी मृत्यु हो जाती है तो लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के द्वारा उस व्यक्ति को उसके द्वारा किए गए लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के अनुसार उस व्यक्ति के परिवार को पॉलिसी की रकम दी जाती है।

जिससे भी कमाने वाले की मृत्यु के बाद उसके परिवार वालों को आर्थिक सहायता के रूप में वह मदद मिल सके यह लाइफ इंश्योरेंस की क्लेम की राशि आर्थिक मदद के लिए उसके परिवार वालों को काम आती है।

Life insurance की शुरुआत

लाइफ इंश्योरेंस कंपनी भारत के भरोसेमंद कंपनियों में से एक मानी जाती है इस कंपनी को 2000 में भारत की जीवन बीमा पॉलिसी कंपनी के रूप में शामिल कर लिया गया था इसके अलावा मार्च 2001 में भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण(IRDAI) के साथ रजिस्टर किया गया था।

एलआईसी अपने सभी ग्राहकों के लिए लाइफ इंश्योरेंस पेंशन प्लान, चाइल्ड प्लान,इन्वेस्टमेंट प्लान और सेविंग प्लान आदि की सेवाएं लाइफ इंश्योरेंस के द्वारा दी जाती है। इस तरह की पॉलिसी के लिए आप ऑनलाइन और ऑफलाइन पूरी तरह से लाइफ इंश्योरेंस की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर सभी तरह के प्लान  की जानकारी ले सकते हैं।

Life insurance के प्रकार

अगर आपके फैमिली में कोई एक व्यक्ति कम आने वाला है और उसके जाने के बाद में लाइफ इंश्योरेंस परिवार के लोगों के लिए कुछ हद तक वित्तीय सहायता के तौर पर रायका प्रदान कर देता है क्या आप जानते हैं लाइफ इंश्योरेंस कितने प्रकार का होता है आपकी जानकारी के लिए बता दे कोई लाइफ इंश्योरेंस अलग-अलग प्रकार के होते हैं।

कुछ क्वालिटी के साथ- साथ सेविंग व निवेश के जरिए रिटर्न पाने का भी बहुत अच्छा विकल्प देती है, अर्थात जो व्यक्ति बीमा करवाता है वह बीमा की राशि व्यक्ति के खुद के काम में भी आ सकती है। आज हमारे देश में 8 तरह के लाइफ इंश्योरेंस करवाएं जाते हैं लाइफ इंश्योरेंस व्यक्ति अपनी जरूरत के अनुसार अपने लिए नई पॉलिसी का चुनाव कर सकता है आइए जानते हैं लाइफ इंश्योरेंस के प्रकार..

1. टर्म इंश्योरेंस प्लान

टर्म इंश्योरेंस प्लान एक निश्चित समय के लिए खरीदा जाता है जैसे कि 10 साल 20 साल या 30 साल के लिए। इस प्लान में चुने गए एक अवधि के अनुसार ही व्यक्ति को कवरेज मिलता है यह ऐसी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी है इसमें मैच और बेनिफिट नहीं होता यह ट्रेडिंग प्रॉफिट कंपोनेंट के बिना लाइफ कवर उपलब्ध करवाती है अर्थात यह अन्य पड़ोसियों की तुलना में बहुत सस्ती होती हैं टर्म इंश्योरेंस में पॉलिसी टर्म के दौरान पॉलिसी धारक की मृत्यु होने पर लाइफ इंश्योरेंस के अंतर्गत एश्योर्ड सम यानी एक तय रकम बेनिफिशियर को ही मिलती है।

2. मनी बैंक इंश्योरेंस पॉलिसी

मनी बैक इंश्योरेंस पॉलिसी के अंतर्गत निवेश और बीमा दोनों का मेल होता है यह पॉलिसी एक तरह से एंडोमेंट पॉलिसी है। इस पॉलिसी में अंतर इतना ही होता है कि लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी में बोनस के साथ-साथ एश्योर्ड सम पॉलिसी टर्म के दौरान किस्तों में वापस किया जाता है। आखिरी किस्त पॉलिसी खत्म होने पर मिलती है अगर पॉलिसी टर्म के दौरान पॉलिसी धारक की मृत्यु हो जाती है तो पूरा एश्योर्ड सम बेनिफिशियरी को मिल जाता है हालांकि इस पॉलिसी का प्रीमियम सबसे अधिक होता है

3. बचत और निवेश योजनाएं

यह लाइफ इंश्योरेंस का दान बीमा लेने वाले और उसके परिवार के भविष्य को सिक्योर करने के लिए होता है इस प्लान में शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म वित्तीय लक्ष्यों के लिए बेहतरीन सेविंग टूल्स उपलब्ध होते हैं इसके अलावा इंश्योरेंस कवर के रूप में आपके परिवार को एक निश्चित धनराशि का भी आश्वासन दिया जाता है इस लाइफ इंश्योरेंस के प्लान में ट्रेडिशनल और यूनिल लिंक दोनों तरह के प्लान कवर होते हैं।

4. Endowment बीमा

इस लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी में व्यक्ति का बीमा और निवेश दोनों ही चीजें होती है यह पॉलिसी एक निश्चित अवधि के लिए रिस्क कवर होता है। उस अवधि के खत्म होने पर बोनस के साथ-साथ ऐश्योर्ड सम पॉलिसी धारक को वापस किया जाता है। बीमा कराने वाले व्यक्ति की मौत हो जाने के बाद में उसके द्वारा निर्धारित किए गए सालों में एडमिट पॉलिसी के अंतर्गत पॉलिसी का अमाउंट फेस वैल्यू का भुगतान किया जाता है कुछ बीमारी के चलते हुए भी इस पॉलिसी का भुगतान बीमा कंपनी करती है।

5. यूलिप प्लान

यूलिप प्लान में प्रोटेक्शन और निवेश दोनों ही रहते हैं ट्रेडिशनल यानी एंडोमेंट इंश्योरेंस पॉलिसी और मनी बैक पॉलिसी से मिलने वाला रिटर्न एक हद तक पूरा पक्का होता है। वही यूलिप रिटर्न में कोई गारंटी नहीं होती है।

इसकी वजह से यूलिप में निवेश करने वाले हिस्से को बांड और शेयर में लगाया जाता है और म्यूचल फंड की तरह ही आपको इसमें यूनिट मिल जाती है। ऐसे में रिटर्न मार्केट के उतार-चढ़ाव पर आधारित होती है। हालांकि इसमें आपको निश्चित करना होता है कि आपका कितना पैसा शेयर में लगाना है और कितना पैसा बॉन्ड में

6. संपूर्ण जीवन बीमा

आजीवन लाइफ इंश्योरेंस के अंतर्गत आपको लाइफ टाइम के लिए प्रोटेक्शन मिल जाता है इस पॉलिसी का कोई टर्न नहीं होता है और जो पॉलिसी धारक है उसकी मृत्यु होने के बाद में नॉमिनी में जिसका नाम होता है। उस व्यक्ति को पूरा बीमा का क्लेम मिल जाता है अन्य लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी में उम्र की एक मैक्सिमम लिमिट होती है।

जो कि ज्यादातर 65 से 70 साल तक के लिए होती है। उसमें व्यक्ति की मौत होने के बाद में डेथ क्लेम नहीं मिलता है, लेकिन आजीवन लाइफ इंश्योरेंस के अंतर्गत 95 तक व्यक्ति की मौत क्यों ना हो उस में नॉमिनी क्लेम मिल जाता है। इसके अलावा इस पॉलिसी में बीमा कराने वाले व्यक्ति के पास में एश्योर्ड सम को आंशिक रूप से विरोध करने का भी विकल्प रहता है।

7. चाइल्ड इंश्योरेंस पॉलिसी

चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान बच्चों की शिक्षा के लिए और अन्य कई प्रकार के बच्चों की जरूरत के लिए बनाए गए हैं। चाइल्ड प्लान के अंतर्गत पॉलिसी धारक की मृत्यु होने के बाद में एक साथ पूरी रकम का भुगतान किया जाता है लेकिन पॉलिसी खत्म नहीं होती है। अभिषेक के सभी प्रीमियम माफ हो जाते हैं और इंश्योरेंस कंपनी पॉलिसी धारक की ओर से निवेश को जारी रखती है जिससे बच्चे को एक निश्चित अवधि के लिए पैसा मिल जाता है।

8. रिटायरमेंट प्लान

रिटायरमेंट प्लान के अंतर्गत लाइफ इंश्योरेंस का कवर नहीं मिलता है यह का ड्राइवर सलूशन का प्लान है इसके अंतर्गत अपने रिश्ते का आकलन करके रिटायरमेंट फंड बनाया जा सकता है इसमें तय की गई अवधि के बाद आपको या आपके वेलविशर को पहचान के तौर पर एक निश्चित रकम का भुगतान बीमा कंपनी के द्वारा होता है यह भुगतान हर महीने 6 महीने का साल भर के आधार पर होता है।

लाइफ इंश्योरेंस से होने वाले लाभ

लाइफ इंश्योरेंस से जिंदगी में बहुत से फायदे मिलते हैं क्योंकि लाइफ इंश्योरेंस की लाइफ में वो सभी तमाम सुविधाएं और लाभ देता है। जिनके लिए शायद आपने कभी सोचा भी नहीं होगा। आइए जानते हैं लाइफ इंश्योरेंस के द्वारा मिलने वाले लाभ के बारे में जानकारी

1. सेफ्टी – मनुष्य के जीवन में किसी न किसी प्रकार की परेशानी कठिनाइयां आती ही रहती है। इन सभी परिस्थितियों और मुसीबतों की वजह से व्यक्ति को पैसे की आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे में अगर आपने लाइफ इंश्योरेंस बीमा पॉलिसी ले रखी है तो यह आपके भविष्य के लिए बहुत अच्छा सुरक्षा कवच माना जाता है।

2. लंबी अवधि की बचत – इस प्लान के अंतर्गत व्यक्ति एक सिस्टमैटिक शेविंग और कार्पस को तैयार करने में मदद करता है। इसमें व्यक्ति अपनी पॉलिसी का उपयोग घर बनाने बच्चों की पढ़ाई के लिए, बच्चों की शादी आदि के लिए व्यक्ति को पैसे से लाभ प्राप्त हो सकता है। इतना ही नहीं कुछ इंश्योरेंस पॉलिसी तो इसमें रिटायरमेंट पेंशन के रूप में भी मासिक पेआउट भी देती है।

3. सही निवेश के ऑप्शन – लाइफ इंश्योरेंस के अंतर्गत यूलिप प्लान सही इन्वेस्टमेंट का प्लान होता है। आज मार्केट में बहुत से लाइफ इंश्योरेंस के प्लान होते हैं जो कि इंश्योरेंस प्रोडक्ट मैच्योरिटी के दौरान बहुत से लाभ व्यक्ति को उपलब्ध करवाते हैं, इसीलिए यूलिप प्लान को इन्वेस्टमेंट के हिसाब से बहुत सही बताते हैं।

लाइफ इंश्योरेंस बंद होने से नुकसान

अगर आपने किसी भी कंपनी के अंतर्गत लाइफ इंश्योरेंस का कोई भी प्लान अगर ले रखा है, और उसको बीच में ही बंद कर दिया तो उस में होने वाला सबसे बड़ा नुकसान यह होता है, कि जो बीमा कवर मिलता है,वह खत्म हो जाता है अर्थात किसी की अनहोनी की स्थिति में मृत्यु होने पर आपको उस देने का फायदा नहीं मिलता है।

इसके अलावा अगर पॉलिसी 3 साल या कम के लिए ही चलाते हैं, तो आपको बीमा मैच्योरिटी का बेनिफिट भी नहीं मिलता है। हालांकि यूनिट लिंक्ड पॉलिसी में थोड़ी राहत मिलती है। यूलिप प्लान को छोड़कर बाकी सभी पॉलिसी में बीच में ही सरेंडर करने पर बड़ी भारी पेलेंटि आपको भरनी ही पड़ती है।

Conclusion

लाइफ इंश्योरेंस आज के समय में सबसे महत्वपूर्ण अपना फ्यूचर सिक्योर करने का साधन है। आज हमने इस आर्टिकल के द्वारा आप सभी को लाइफ इंश्योरेंस के बारे में पूरी जानकारी दी है। उम्मीद है, आपको हमारे द्वारा दी गई सभी जानकारी लाइफ इंश्योरेंस के बारे में समझ में आई होगी। इससे जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए आप हमारी वेबसाइट से जुड़े रह सकते हैं,या अन्य किसी सुझाव के लिए कमेंट सेक्शन में जाकर कमेंट करके भी पूछ सकते हैं।

FAQ

लाइफ इंश्योरेंस क्या होता है?

बीमा कंपनी के साथ व्यक्ति का एक कांटेक्ट होता है।

लाइफ इंश्योरेंस कितने प्रकार के होते हैं?

6 प्रकार

3 क्या लाइफ इंश्योरेंस में पेंशन प्लान भी होता है?

जी हां

लाइफ इंश्योरेंस पूर्ण रूप से कंपनी के रूप में कब शुरू किया गया था?

सन 2000 में

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